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Sprinkler Subsidy Yojana 2026 : स्प्रिंकलर / फव्वारा संयंत्र पर मिल रहा है 75% तक अनुदान, ऐसे करें आवेदन

Sprinkler Subsidy Yojana: स्प्रिंकलर / फव्वारा संयंत्र पर मिल रहा है 75% तक अनुदान, ऐसे करें आवेदन

स्प्रिंकलर / फव्वारा संयंत्र पर कृषि विभाग दे रहा है 75% तक अनुदान: जाने पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया

Sarkari Yojana Update: राजस्थान के किसानों के लिए कृषि विभाग की तरफ से एक बेहतरीन योजना चलाई जा रही है। कम पानी में अधिक उत्पादन और खुशहाल किसान के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र (Drip and Sprinkler Subsidy) पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। अगर आप भी अपने खेतों में फव्वारा संयंत्र या मिनी स्प्रिंकलर लगवाना चाहते हैं, तो आपको इस योजना के तहत 75% तक का अनुदान (Anudan) मिल सकता है।

मुख्य उद्देश्य: "कम पानी में अधिक उत्पादन, खुशहाल किसान हमारा लक्ष्य"

सिंचाई संयंत्रों पर देय अनुदान विवरण (Subsidy Structure)

कृषि विभाग द्वारा अलग-अलग कृषक श्रेणियों के आधार पर कुल देय अनुदान प्रतिशत, केंद्र सरकार का हिस्सा (केन्द्रांश) और राज्य सरकार का हिस्सा (राज्यांश) तय किया गया है, जिसकी पूरी तालिका नीचे दी गई है:

सिंचाई संयंत्र का नाम कृषक श्रेणी कुल देय अनुदान % केन्द्रांश % राज्यांश % अति. राज्यांश %
ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर एवं स्प्रिंकलर लघु एवं सीमांत कृषक 75% 33% 22% 20%
SC / ST / Woman 75% 33 / 27 22 / 18 20 / 30
अन्य कृषक 70% 27% 18% 25%

अनुदान हेतु पात्रता और जरूरी शर्तें (Eligibility Criteria)

फव्वारा संयंत्र (Sprinkler System) पर सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:

  1. भुगतान का माध्यम: कृषकों को फव्वारा / स्प्रिंकलर संयंत्र पर अनुदान नकद या बैंक से ऋण (Loan) लेकर खरीद करने पर, दोनों ही स्थिति में देय होगा।
  2. जल स्रोत एवं पंप सेट: जिन कृषकों के नाम पर भूमि का स्वामित्व है तथा कुएँ, नलकूप या अन्य जल स्रोत पर विद्युत, डीजल, सौर (Solar Pump) या ट्रैक्टर चालित पंप सेट उपलब्ध हैं, वे ही अनुदान के पात्र होंगे।
  3. सामलाती (Joint) जल स्रोत: सामलाती जल स्रोत पर अलग-अलग पंप सेट होने पर या पंप सेट सामुदायिक होने पर भी यदि सभी हिस्सेदार अलग-अलग फव्वारा संयंत्र पर अनुदान की मांग करते हैं, तो अलग-अलग अनुदान देय होगा। परन्तु भूमि का स्वामित्व अलग-अलग होना आवश्यक है। जो क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा नहर/बांध से पंप सेट द्वारा पानी लिफ्ट करके सिंचाई की जाती है, उन क्षेत्रों में भी सिंचाई हेतु फव्वारा पर अनुदान देय होगा। नहरी क्षेत्रों में खाले (Water course) / डिग्गी तथा अन्य क्षेत्रों में फार्म पौंड, व्यक्तिगत / सामुदायिक जल स्रोत, जल संग्रहण ढांचे से सिंचाई हेतु भी फव्वारा संयंत्र पर अनुदान देय होगा।
  4. जल स्रोत न होने की स्थिति में: जिन कृषकों के पास स्वयं का जल का स्रोत नहीं है, तब पड़ोसी लाभार्थी से सिंचाई के स्रोत की साझेदारी हेतु जल करार (Water Agreement) जिससे वह पानी लेने का इच्छुक है, प्रस्तुत करना होगा।
  5. भूमि की सीमा (Land Limit): सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों पर न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर तथा अधिकतम 5 हेक्टेयर प्रति कृषक अनुदान देय होगा। फव्वारा संयंत्र स्थापित करने के लिए न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर भूमि और अधिकतम 5 हेक्टेयर होना आवश्यक है। भूमि तक अनुदान देय होगा। अधिकतम सीमा 5 hac. पर अनुदान लेने पर कृषक पुनः 7 वर्ष बाद ही अनुदान ले सकेगा।
  6. लीज़ एग्रीमेंट (Lease Land): ऐसे कृषक जिन्होंने अनुबंध पर कृषि हेतु भूमि ली है वे भी ऐसी भूमि पर यदि कृषि हेतु सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र लगाना चाहते हैं तो उनको भी नियमानुसार अनुदान देय होगा किन्तु यह लीज एग्रीमेंट कम से कम सात वर्ष के लिये होना आवश्यक है।
  7. लघु/सीमांत प्रमाण पत्र: सीमांत कृषक (1.0 है. क्षेत्र तक भूमि स्वामित्व) तथा लघु कृषक (1.0 से 2.0 है. क्षेत्र तक भूमि स्वामित्व) रखने वाले कृषक लघु/सीमांत प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन करने पर अतिरिक्त अनुदान के पात्र होंगे।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Watch Full Video Guide)

स्प्रिंकलर/फव्वारा संयंत्र सब्सिडी योजना के लिए राजकिसान पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया को लाइव समझने के लिए नीचे दिए गए वीडियो ट्यूटोरियल को पूरा देखें:

ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु (Important Guidelines)

  • B.I.S. मार्का संयंत्र आवश्यक: कृषकों द्वारा बी.आई.एस. (BIS) मार्का सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र राज्य में पंजीकृत निर्माता अथवा उसके अधिकृत विक्रेता से निर्धारित मापदंड के संयंत्र क्रय करने एवं अपने खेत पर सफलतापूर्वक स्थापित करने पर ही अनुदान देय होगा।
  • पाइप साइज (Pipe Models): विभिन्न फव्वारा मॉडल में 50, 63, 75, 90 तथा 110 मिमी. के पाइप पर अनुदान अनुमत किया जा सकेगा। क्षेत्र की मांग के मद्देनजर 50 व 110 मिमी. संयंत्र भी अनुमत होंगे।
  • हेक्टेयर मॉडल: सिंचाई करने हेतु क्रमशः 0.4, 1.0, 2.0, 3.0, 4.0 व 5.0 हेक्टेयर मॉडल के फव्वारा संयंत्र की आवश्यकता होती है। अतः उक्त उल्लेखित भू-स्वामित्व के कृषकों को उसके अनुरूप वांछित फव्वारा संयंत्र पर अनुदान दिया जा सकेगा।
  • अनुदान का भुगतान: फव्वारा संयंत्र का अनुदान तीन चरणों में केन्द्रांश, राज्यांश और टॉप अप के रूप में सीधे किसान के बैंक खाते (DBT) में आता है।
  • चयन प्रक्रिया: योजना का लाभ "पहले आओ पहले पाओ" (First Come First Served) के आधार पर देय है। इसलिए जल्द से जल्द आवेदन करें।

फव्वारा संयंत्र हेतु मॉड्यूल पर अनुदान (Sprinkler Module System)

किसान अपने खेत के आकार के हिसाब से निम्नलिखित मॉड्यूल चुन सकते हैं:

  • 0.4 हेक्टेयर मॉड्यूल: 18 पाइप और 3 नोजल
  • 1 हेक्टेयर मॉड्यूल: 30 पाइप और 5 नोजल
  • 2 हेक्टेयर मॉड्यूल: 41 पाइप और 9 नोजल
  • अधिकतम सीमा: 5 हेक्टेयर तक का अनुदान देय है।

आवश्यक दस्तावेज (Important Documents Required)

आवेदन करते समय आपके पास निम्नलिखित कागजात होने अनिवार्य हैं:

📄 जमाबंदी (खेती के कागज)
📝 अधिकृत निर्माता/विक्रेता का कोटेशन
💡 बिजली का बिल (Electricity Bill)
🎖️ लघु सीमांत प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

स्प्रिंकलर सब्सिडी ऑनलाइन आवेदन लिंक (Apply Online)

निचे दिए गए बटन पर क्लिक करके सीधे राजकिसान पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरें:

⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer): यह वेबसाइट एक निजी ब्लॉग है जिसका उद्देश्य केवल किसानों तक सही जानकारी पहुंचाना है। इस वेबसाइट का किसी भी सरकारी विभाग, राज्य सरकार या केंद्र सरकार के संगठन से कोई सीधा संबंध नहीं है। लेख में दी गई जानकारी राजकिसान पोर्टल और कृषि विभाग के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। सरकारी योजनाओं के नियमों और अनुदान दरों में समय-समय पर बदलाव किए जा सकते हैं, इसलिए पाठकों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार का आवेदन करने या सामग्री खरीदने से पहले कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नियमों की पुष्टि अवश्य कर लें।