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समर्थन मूल्य खरीद योजना - Rajfed Online Registration 2026 / Gehu MSP Farmer Online Registration 2026

राजस्थान समर्थन मूल्य खरीद योजना 2026: Rajfed MSP किसान ऑनलाइन पंजीकरण शुरू, यहाँ देखें पूरी जानकारी

Rajfed Online Registration 2026: राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के किसानों को उनकी फसलों का सही दाम दिलाने और बिचौलियों से बचाने के लिए समर्थन मूल्य खरीद योजना 2026 के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। इस योजना के अंतर्गत राजस्थान सहकारी विपणन संघ (Rajfed) द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद की जाएगी। यदि आप भी अपनी रबी फसल जैसे गेहूं, सरसों, चना, मूंग या उड़द को सरकारी गोदामों या खरीद केंद्रों पर बेचना चाहते हैं, तो आपको समय रहते अपना ऑनलाइन किसान रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। बिना ऑनलाइन पंजीकरण के किसी भी किसान की फसल सरकारी कांटे पर नहीं तुली जाएगी। इस लेख में हम आपको पंजीकरण की आखरी तारीख, जरूरी दस्तावेज, पात्रता और ई-मित्र से फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताएंगे।

📊 Rajfed MSP Procurement 2026 - मुख्य विवरण

विवरण (Details) महत्वपूर्ण जानकारी
योजना का नाम राजस्थान समर्थन मूल्य खरीद योजना 2026
विभाग का नाम सहकारिता विभाग एवं राजफेड (Rajfed), राजस्थान सरकार
लक्षित लाभार्थी राजस्थान के मूल निवासी किसान (स्वयं काश्तकार एवं बटाईदार)
शामिल मुख्य फसलें गेहूं, सरसों, चना, मूंग, उड़द, सोयाबीन आदि
आवेदन का माध्यम नजदीकी ई-मित्र (E-Mitra) क्यॉस्क केंद्र अथवा स्वयं SSO पोर्टल द्वारा
आधिकारिक वेबसाइट rajfed.rajasthan.gov.in

🌾 योजना के लिए आवश्यक पात्रता (Eligibility Criteria)

समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए राजस्थान सरकार ने कुछ कड़े नियम और पात्रता शर्तें तय की हैं, जिनका पालन करना हर किसान के लिए आवश्यक है:

  • किसान के पास राजस्थान का वैध और पूरी तरह अपडेटेड जन आधार कार्ड (Jan Aadhar Card) होना अनिवार्य है।
  • जन आधार कार्ड के अंदर संबंधित किसान का सक्रिय बैंक खाता और सही मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए, क्योंकि भुगतान सीधे इसी खाते में आएगा।
  • यदि भूमि मालिक स्वयं खेती नहीं कर रहा है और जमीन बटाई पर दी गई है, तो तहसील या पटवारी द्वारा प्रमाणित बटाईदार प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
  • किसान के नाम पर या बटाईदार के पक्ष में संबंधित फसल की चालू सीजन की ऑनलाइन गिरदावरी (P-35) डिजिटल हस्ताक्षर युक्त होनी चाहिए।

📂 जरूरी दस्तावेज (Required Documents List)

ई-मित्र केंद्र पर जाने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपके पास नीचे दिए गए सभी मूल दस्तावेज स्कैनिंग के लिए उपलब्ध हैं:

  • पहचान पत्र: किसान का आधार कार्ड (Aadhar Card) बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए।
  • पारिवारिक पहचान पत्र: मूल जन आधार कार्ड (Jan Aadhar Card) जिसमें सभी सदस्यों का डेटा सही हो।
  • बैंक विवरण: बैंक पासबुक की साफ नकल या कैंसल चेक (यदि जन आधार में खाता संख्या साफ न हो तो)।
  • भूमि रिकॉर्ड: पटवारी द्वारा जारी चालू सीजन की नवीनतम ऑनलाइन गिरदावरी नकल। [ऑनलाइन गिरदावरी कैसे डाउनलोड करें - यहाँ वीडियो देखें]
  • सक्रिय मोबाइल नंबर: पंजीकरण के समय प्राप्त होने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) सत्यापन के लिए मोबाइल साथ रखें।
  • अतिरिक्त दस्तावेज: बटाईदार अनुबंध पत्र (केवल बटाई पर खेती करने वाले किसानों के मामले में)।

📝 ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Registration Process)

राजस्थान समर्थन मूल्य खरीद योजना के तहत फसलों को सरकारी केंद्रों पर बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण मुख्य रूप से ई-मित्र (E-Mitra) क्यॉस्क धारकों के माध्यम से किया जाता है। कोई भी किसान अपने नजदीकी ई-मित्र पर जाकर निर्धारित शुल्क देकर अपना फॉर्म भरवा सकता है। ई-मित्र कियोस्क धारकों और स्वयं पंजीकरण करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए पूरी चरणबद्ध प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  1. सर्वप्रथम लॉगिन करें: ई-मित्र क्यॉस्क धारक को अपनी एसएसओ आईडी (SSO ID) के माध्यम से ई-मित्र पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद यूटिलिटी सर्विसेज (Utility Services) का चयन करना होगा।
  2. सर्विस का चयन करें: सर्च बॉक्स में "Rajfed" या "समर्थन मूल्य खरीद योजना" टाइप करें। इसके बाद "Rajfed Farmer Registration" सर्विस पर क्लिक करें, जो आपको थर्ड पार्टी पोर्टल पर रीडायरेक्ट करेगी।
  3. जन आधार संख्या दर्ज करें: नए पेज पर आते ही किसान के जन आधार कार्ड की संख्या दर्ज करनी होगी और 'Get Details' पर क्लिक करना होगा। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों की सूची दिखाई देगी, जिसमें से संबंधित किसान का चयन करना होगा।
  4. सत्यापन (Verification) प्रक्रिया: किसान का चयन करने के बाद उनके आधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी भेजें या क्यॉस्क पर उपलब्ध बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट डिवाइस का उपयोग करके किसान का ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
  5. बैंक एवं व्यक्तिगत विवरण जांचें: सत्यापन सफल होने के बाद किसान का नाम, पिता का नाम और बैंक खाता विवरण स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। सुनिश्चित करें कि बैंक खाता सक्रिय है ताकि बाद में भुगतान फेल न हो।
  6. भूमि एवं फसल का विवरण (गिरदावरी): अब आपको जिला, तहसील, गांव और खाता संख्या का चयन करना होगा। इसके बाद पटवारी द्वारा ऑनलाइन जारी की गई गिरदावरी का नंबर डालते ही फसल (जैसे गेहूं या सरसों) और उसका रकबा (क्षेत्रफल) स्वतः स्क्रीन पर आ जाएगा।
  7. खरीद केंद्र (Procurement Center) का चयन: किसान की सहूलियत के अनुसार नजदीकी वेयरहाउस या सरकारी खरीद केंद्र (कांटे) का चयन सूची में से करें जहां किसान अपनी फसल आसानी से ले जा सके।
  8. फाइनल सबमिट और रसीद प्रिंट: सभी विवरणों को एक बार पुनः ध्यानपूर्वक जांचने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें। फॉर्म जमा होते ही एक टोकन नंबर जनरेट होगा। ई-मित्र धारक किसान को इस पंजीकरण की मूल रसीद का प्रिंट आउट अवश्य निकाल कर दें।

यदि आपको ऑनलाइन प्रक्रिया को लाइव स्क्रीन पर देखना है, तो आपकी सुविधा के लिए फसलों के अनुसार विस्तृत और आधिकारिक वीडियो गाइड नीचे दी गई है, जिन्हें देखकर आप बिना किसी गलती के फॉर्म भर सकते हैं:

🟢 सरसों / चना MSP पर बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कैसे करें? वीडियो गाइड देखें

नोट: इस वीडियो में सरसों और चना फसलों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की लाइव प्रक्रिया दिखाई गई है। ई-मित्र कियोस्क धारक ध्यान दें कि सरसों और चने के मामले में गिरदावरी का मिलान और रकबा अपलोड करते समय हेक्टेयर की गणना बिल्कुल सही होनी चाहिए, अन्यथा बाद में तहसील स्तर पर फॉर्म होल्ड हो सकता है।

🌾 गेहूं MSP पर बेचने के लिए ऑनलाइन किसान पंजीकरण कैसे करें? वीडियो गाइड देखें

नोट: गेहूं खरीद पंजीकरण के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कड़े नियमों को इस वीडियो के माध्यम से समझाया गया है। किसान का बटाईदार होने की स्थिति में राजस्व रिकॉर्ड को कैसे अटैच करना है, इसकी पूरी लाइव ट्रेनिंग इस गाइड में मौजूद है।

⚠️ पंजीकरण से पहले ध्यान रखने योग्य जरूरी निर्देश (Rules & Guidelines)

🚨 अति विशेष सूचना (Disclaimer for E-Mitra): बिना मूल एवं वैध ऑनलाइन गिरदावरी के किसी भी प्रकार का गलत या फर्जी ऑनलाइन पंजीयन करने पर संबंधित ई-मित्र कियोस्क धारक को पूर्ण रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। विभाग द्वारा क्यॉस्क आईडी को हमेशा के लिए ब्लॉक करने और कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है।
  • पंजीकरण का समय (Portal Timing): फसलों के लिए ऑनलाइन लिंक पूरे दिन खुला नहीं रहता है। सरकार के आदेशानुसार केवल प्रातः 9:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक ही ई-मित्र पर रजिस्ट्रेशन किए जा सकेंगे।
  • ओटीपी (OTP) का विशेष नियम: पहली प्राथमिकता हमेशा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट सत्यापन को दी जानी चाहिए। यदि किसी बुजुर्ग किसान के फिंगरप्रिंट नहीं आ रहे हैं या उंगलियां घिस गई हैं, केवल उसी आपातकालीन स्थिति में ही OTP विकल्प का उपयोग किया जाए।
  • एक कार्ड - एक रजिस्ट्रेशन नीति: एक जन आधार कार्ड पर केवल एक ही बार रजिस्ट्रेशन मान्य होगा। आप एक ही कार्ड से अलग-अलग सदस्यों के नाम पर अलग-अलग फॉर्म नहीं भर सकते, जब तक कि भूमि का कानूनी बंटवारा न हुआ हो।
  • नाम का मिलान (Name Matching): जिसके नाम से गिरदावरी राजस्व विभाग द्वारा जारी की गई है, ऑनलाइन पंजीकरण भी ठीक उसी किसान के नाम से होना चाहिए। यदि जन आधार में नाम और गिरदावरी में नाम अलग है, तो पहले जन आधार को सुधारें।
  • संशोधन संभव नहीं (No Modification): एक बार ऑनलाइन गिरदावरी संख्या लॉक होने और फॉर्म सबमिट होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का सुधार, फसल का नाम बदलना या रकबा घटाना/बढ़ाना संभव नहीं होगा। इसलिए 'Final Submit' से पहले डेटा को दो बार री-चेक करें।
  • कॉम्बो फसलों का नियम (Combo Crop Rules): मूंग/उड़द अथवा मूंगफली/सोयाबीन जैसी फसलों के अलग-अलग पंजीकरण नहीं स्वीकार किए जाएंगे। यदि आपके खेत में दोनों फसलें मिश्रित रूप से बोई गई हैं, तो एक ही फॉर्म के अंदर दोनों की गिरदावरी एक साथ जोड़ना अनिवार्य है।
  • तुलाई के समय मूल दस्तावेज: सरकारी कांटे पर तुलाई के समय आपके द्वारा ऑनलाइन अपलोड की गई गिरदावरी की डिजिटल कॉपी तथा आपके पास मौजूद 'मूल भौतिक गिरदावरी' दोनों का शत-प्रतिशत समान होना आवश्यक है, अन्यथा केंद्र प्रभारी द्वारा तुलाई रोक दी जाएगी।
  • जिन्स में बदलाव नहीं: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आपने जिस विशिष्ट फसल (जिन्स) का चयन किया है, सरकारी खरीद केंद्र पर केवल उसी फसल की तौल स्वीकार की जाएगी। सरसों के टोकन पर चना या गेहूं की तुलाई किसी भी स्थिति में नहीं होगी।
  • पारदर्शिता नोट: यह ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों का प्राथमिकता क्रम (Waiting List) तय करने के लिए की जा रही है। ऑनलाइन पंजीकरण होना मात्र इस बात की गारंटी नहीं है कि आपकी फसल खरीदी ही जाएगी; यह सरकारी कोटे और केंद्र की क्षमता पर निर्भर करता है।

📞 राजफेड आधिकारिक हेल्पलाइन एवं सहायता (Helpdesk)

यदि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय टोकन कटने में कोई समस्या आ रही है, या सर्वर एरर के कारण फीस कट गई है लेकिन रसीद नहीं मिली, तो किसान और ई-मित्र धारक सीधे राजफेड के आधिकारिक कंट्रोल रूम नंबर 1800-180-6001 पर सुबह 9:00 से शाम 7:00 बजे के बीच संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

🙋‍♂️ अक्सर पूछे जाने वाले मुख्य सवाल (Frequently Asked Questions)

Q1: राजस्थान समर्थन मूल्य खरीद योजना 2026 के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि क्या है?

Ans: विभाग द्वारा फसलों की बुवाई और कटाई के चक्र को देखते हुए पंजीकरण की तिथियां घोषित की जाती हैं। आमतौर पर लिंक शुरू होने से 30 से 45 दिनों तक पोर्टल खुला रहता है। आधिकारिक अंतिम तिथि की घोषणा होते ही हम इस लेख के मुख्य विवरण तालिका में उसे तुरंत अपडेट कर देंगे। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिनों की सर्वर समस्याओं से बचने के लिए शुरुआती हफ्तों में ही पंजीकरण करवा लें।

Q2: क्या जन आधार कार्ड में बैंक खाता लिंक होना जरूरी है, भुगतान कैसे प्राप्त होगा?

Ans: जी हां, यह बिल्कुल अनिवार्य है। राजफेड द्वारा फसल खरीद का भुगतान सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसान के उसी बैंक खाते में भेजा जाता है जो उनके जन आधार कार्ड के साथ सीडेड (Linked) होता है। यदि आपका खाता नंबर गलत है या बंद है, तो आपकी तुलाई होने के बावजूद भी भुगतान रुक सकता है। कृपया फॉर्म भरने से पहले जन आधार पोर्टल पर अपना बैंक विवरण जांच लें।

Q3: यदि पटवारी द्वारा जारी की गई गिरदावरी ऑनलाइन शो नहीं हो रही है, तो क्या करें?

Ans: कई बार राजस्व विभाग के डेटाबेस से राजफेड पोर्टल पर गिरदावरी सिंक होने में 24 से 48 घंटे का समय लग जाता है। यदि ई-मित्र पर खाता संख्या डालने के बाद भी फसल का विवरण नहीं आ रहा है, तो अपने क्षेत्र के पटवारी से संपर्क करें और सुनिश्चित करें कि उन्होंने आपकी गिरदावरी को डिजिटल रूप से लॉक करके अग्रेषित (Forward) कर दिया है। डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित गिरदावरी ही कंप्यूटर पर प्रदर्शित होगी।

Q4: एक किसान अधिकतम कितनी मात्रा (क्विंटल) में फसल समर्थन मूल्य पर बेच सकता है?

Ans: सरकार द्वारा प्रति किसान अधिकतम खरीद की एक सीमा (Cap) तय की जाती है, जो कि उनकी गिरदावरी में दर्ज कुल रकबे और प्रति हेक्टेयर पैदावार के सरकारी औसत के आधार पर ऑटो-कैलकुलेट होती है। एक सामान्य नियम के अनुसार, एक छोटा/सीमांत किसान अपनी गिरदावरी सीमा के भीतर निर्धारित अधिकतम स्वीकृत क्विंटल तक ही फसल बेच सकता है। इसकी सटीक गणना ऑनलाइन टोकन काटते समय स्क्रीन पर दिखाई देती है।

निष्कर्ष: किसान भाइयों, राजस्थान समर्थन मूल्य खरीद योजना 2026 के अंतर्गत अपनी फसलों को सही दाम पर बेचने का यह एक बेहतरीन अवसर है। ई-मित्र केंद्र पर जाकर अपना पंजीकरण करवाते समय सभी दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक अपलोड करवाएं और अपनी **अंतिम रसीद (Registration Receipt) प्राप्त करना बिल्कुल न भूलें**। यदि आपको इस योजना के तहत ऑनलाइन फॉर्म भरने, गिरदावरी निकालने या टोकन प्राप्त करने में कोई भी समस्या आ रही है, तो आप अपनी समस्या नीचे दिए गए **कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं**, हम आपकी सहायता करने का पूरा प्रयास करेंगे। यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे अपने अन्य किसान मित्रों और ई-मित्र ग्रुप्स में **व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें**!

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